Tuesday, March 21, 2023
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करोड़ों की धोखाधड़ी के आरोप में फंसे यूपी के पूर्व मुख्य सचिव दीपक सिंघल

  • दामाद के साथ मिलकर ढाई करोड़ हड़पने का लगा है आरोप, एफआईआर दर्ज

एफएनएन, लखनऊ : यूपी के पूर्व मुख्य सचिव दीपक सिंघल और उनके दामाद धोखाधड़ी के एक मामले में फंस गए हैं। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने ढाई करोड़ रुपए की धोखाधड़ी और साजिश करने का उन पर केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-13 निवासी संजय अग्रवाल की शिकायत पर हुई है। संजय का आरोप है कि दीपक सिंघल ने अपने दामाद के साथ मिलकर कागज सप्लाई का टेंडर दिलाने के लिए जालसाजी की थी। बता दें कि दीपक सिंघल सितंबर 2016 में उत्तर प्रदेश के चीफ सेक्रेट्री बनाए गए थे।

विभागों में टेंडर का दिया था ऑफर

संजय अग्रवाल का आरोप है कि साल 2017 में चीफ सेक्रेट्री रहे दीपक सिंघल के दामाद दीपक अग्रवाल से उनकी मुलाकात हुई थी। दामाद दीपक अग्रवाल ने उनसे कहा कि आप कागज के कारोबारी हैं। आपको उत्तर प्रदेश के विभिन्न विभागों में सप्लाई किए जा रहे स्टेशनरी का टेंडर मैं दिला दूंगा। दीपक अग्रवाल ने विश्वास दिलाने के लिए मेरी मुलाकात अपने ससुर दीपक सिंघल से साल 2017 में उत्तर प्रदेश मुख्य सचिव के कार्यालय में कराई थी। मुलाकात के दौरान दीपक सिंघल ने टेंडर दिलाने का भरोसा दिया था। इसके बाद दामाद ने ढाई करोड़ रुपए टोकन मनी मुझसे ले लिया। कुछ दिन बीते ही थे वह मुझसे टालमटोल करना शुरू कर दिया। बता दें कि दीपक सिंघल बरेली के कमिश्नर भी रहे हैं।

दामाद की कंपनी से पेपर खरीदने का बनाया दबाव

कारोबारी संजय अग्रवाल का आरोप है कि मुलाकात के समय चीफ सेक्रेट्री दीपक सिंघल ने कहा कि उनके दामाद की आरडी पेपर्स नाम से कंपनी हैं। यूपी के सरकारी विभागों में कागज की काफी डिमांड है। अगर कागज की सप्लाई का टेंडर्स आरडी पेपर्स को देंगे तो उन पर सवाल खड़े हो सकते हैं, इसलिए आईएएस अधिकारी होने के चलते इसलिए सीधे तौर पर कोई व्यापार नहीं कर सकते। संजय अग्रवाल का कहना है कि सिंघल ने उनसे कहा कि हर सरकारी विभाग से कागज का टेंडर उन्हें दिलाया जाएगा और उन्हें कागज आरडी पेपर्स से खरीदना होगा। इसके बदले में उन्हें कोई पैसा नहीं चाहिए, बस उनके दामाद को कमिशन देनी होगी।

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